Vaidik Life Series — Book 02

Abhyasa (अभ्यास)


सूक्ष्म प्रयासों का वैदिक विज्ञान। जापानी ‘काइज़ेन’ से परे… तनावमुक्त स्थायी आदतें और महारत गढ़ने की सनातन कला।

Abhyasa (अभ्यास) Book Cover

अभ्यास: सूक्ष्म प्रयासों का वैदिक विज्ञान

जापानी ‘काइज़ेन’ से परे — तनावमुक्त स्थायी आदतें और महारत गढ़ने की सनातन कला

Vedic Psychology & Behavioral Mastery

क्या आप भी किसी काम को अत्यधिक उत्साह से शुरू करते हैं, लेकिन कुछ ही दिनों में थकान, हताशा या बर्नआउट के कारण रुक जाते हैं? क्या नए वर्ष के संकल्प या आदत बदलने के बड़े प्रयास हर बार आधे रास्ते में बिखर जाते हैं?

समस्या आपकी इच्छाशक्ति (Willpower) में नहीं है; समस्या उस तरीके में है जिससे आप बदलाव लाने की कोशिश करते हैं। आधुनिक न्यूरोसाइंस बताता है कि मानव मस्तिष्क बड़े और अचानक बदलावों को खतरे के रूप में देखता है और प्रतिरोध पैदा करता है। हज़ारों वर्ष पूर्व महर्षि पतंजलि ने योगसूत्र में स्थायी महारत और आदत निर्माण का अचूक वैज्ञानिक सिद्धांत दिया था: 'तत्र स्थितौ यत्नोऽभ्यासः'।

यह पुस्तक आपको सिखाती है कि बिना किसी आंतरिक संघर्ष या आत्म-दमन के, सनातन वैदिक सिद्धांतों और न्यूरोप्लास्टिसिटी के समन्वय से कैसे जीवन को रूपांतरित किया जाए।

"तत्र स्थितौ यत्नोऽभ्यासः — स तु दीर्घकालनैरन्तर्यसत्कारासेवितो दृढभूमिः। (महर्षि पतंजलि योगसूत्र १.१३-१४)"

Key Insights & Themes:

  • ✓२ मिनट का वैदिक सूक्ष्म-संकल्प: बिना किसी मानसिक प्रतिरोध या आंतरिक घर्षण के नई सकारात्मक आदतें शुरू करने की कला।
  • ✓दीर्घकाल, निरंतर और सत्कार: पतंजलि के तीन अटल स्तंभ—धीरज, अटूट निरंतरता और अपने अभ्यास के प्रति आदर भाव।
  • ✓डोपामाइन का खेल और इच्छाशक्ति की थकान: आधुनिक न्यूरोप्लास्टिसिटी और वैदिक चित्त-वृत्तियों का गहन वैज्ञानिक तालमेल।
  • ✓कर्मण्येवाधिकारस्ते: परिणाम के तनाव से पूरी तरह मुक्त होकर केवल वर्तमान क्षण के अभ्यास में एकाग्र होना।
  • ✓स्वाध्याय और आत्म-अवलोकन: हर दिन बिना किसी अपराधबोध या तनाव के अपने विकास का निष्पक्ष मूल्यांकन करना।

Author: Sultan Singh

Language: Hindi (हिन्दी)

Series: वैदिक जीवन-दर्शन श्रृंखला (Book 2 of 7)

Print Length: 161 pages

ASIN: B0HJ6155G9

Format: Kindle E-Book / High-Res Printable Watermarked PDF

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